जयपुर के प्रताप नगर इलाके में नीरज शर्मा की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। इस साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक की अपनी बेटी आयुषी शर्मा थी।
नौकरी और संपत्ति का विवाद पुलिस के अनुसार, आयुषी के पिता विजय शर्मा का करीब एक साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद घर में अनुकंपा नियुक्ति का मामला सामने आया। आयुषी खुद नौकरी करना चाहती थी, लेकिन परिवार ने दिव्यांग भाई की देखभाल के लिए मां नीरज शर्मा को नौकरी दिलाने का निर्णय लिया। इसी बात को लेकर मां-बेटी में विवाद शुरू हो गया और आयुषी घर छोड़कर अपने चचेरे भाई के साथ रहने चली गई।
7 लाख में रची हत्या की साजिश आरोप है कि चचेरे भाई के साथ रहने के दौरान आयुषी ने मां की संपत्ति और नौकरी हथियाने के लिए उनकी हत्या की योजना बनाई। साजिश के तहत उसने आरोपियों को सात लाख रुपये देने का लालच दिया। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी गाड़ी से कुचलकर हत्या करने की एक कोशिश की गई थी, लेकिन नीरज शर्मा उस समय बच गई थीं।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज 4 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को फिजियोथेरेपी से वापस घर ला रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना स्थल पर मौजूद पुलिस को पहले यह सामान्य सड़क दुर्घटना लगी। हालांकि, प्रताप नगर थाना पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, तो साजिश की परतें खुल गईं।
गिरफ्तारी और जांच पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता आयुषी और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस टीम पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

