जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए 100 नवीन कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने इन यूनिट्स में तैनात महिला पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए थानों और चौकियों पर पदस्थापित कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल व एएसआई की तरह निश्चित मासिक यात्रा भत्ता देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मातृ शक्ति का सम्मान और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि महिलाएं बिना किसी भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ सकें। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और साहस के साथ ड्यूटी निभाने का आह्वान किया।
अपराध नियंत्रण और फील्ड में प्रभावी असर
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के मैदान में उतरने से महिला अपराधों पर अंकुश लगा है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के मामलों में करीब 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही ऐसे मामलों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है।
कार्रवाई के मोर्चे पर इन यूनिट्स ने अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कदम उठाए हैं। इसके अलावा जागरूकता अभियानों के तहत करीब 50 लाख महिलाओं को कानून की जानकारी दी गई है, 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है, और लगभग 16 लाख 70 हजार बालिकाओं व महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।
हेल्पलाइन और एंटी रोमियो स्क्वॉड की भूमिका
सार्वजनिक स्थलों पर छेड़छाड़ रोकने के लिए प्रदेशभर में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड संचालित किए जा रहे हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन वर्षों में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। इसके अलावा जागरूकता बढ़ाने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है, जबकि अभय कमांड सेंटर के जरिए 12 हजार 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के कारण कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और कालिका यूनिट की सक्रियता से महिलाओं का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हुआ है।
सामुदायिक पुलिसिंग और पुलिस-जनता का भरोसा
सामुदायिक पुलिसिंग को अपराध नियंत्रण का मुख्य आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था से 2 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से अधिक यूथ सीएलजी, 83 हजार से अधिक सीएलजी सदस्य, 40 हजार से अधिक पुलिस मित्र और 29 हजार से अधिक ग्राम रक्षक शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि थानों में इन सदस्यों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाए।
कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न जिलों से महिला यूथ सीएलजी सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ीं।
