मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में एक और बाघ शावक की मौत का मामला सामने आया है। मुक्की रेस्क्यू सेंटर में इलाज के दौरान शावक ने दम तोड़ दिया। यही शावक कुछ दिन पहले आरोली गांव और उसके आसपास के इलाकों में लगातार सक्रिय था और एक महिला पर हमला कर उसे घायल भी कर चुका था।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इस शावक को रेस्क्यू किया था, जिसके बाद से उसे मुक्की स्थित स्वास्थ्य केंद्र में रखकर इलाज दिया जा रहा था।
मुक्की रेस्क्यू सेंटर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
रेस्क्यू के बाद से ही शावक की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही थी। शुरुआती मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों और सूत्रों ने शावक में केनाइन डिस्टेंपर वायरस यानी CDV के लक्षण मिलने की बात कही थी। हालांकि, पार्क प्रबंधन ने उस दौरान शावक के इस वायरस से संक्रमित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। अब इलाज के दौरान हुई इस मौत के बाद एक बार फिर CDV वायरस से ही संक्रमण की आशंका जताई जा रही है।
शावक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
कान्हा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव स्वास्थ्य देखभाल के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। पिछले कुछ समय से रिजर्व क्षेत्र और उसके आसपास लगातार वन्यजीवों की मौतों के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे संरक्षण कार्यों की दक्षता पर बहस छिड़ गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
