खाटूश्यामजी में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब शहर में बिना पंजीकरण के कोई भी ई-रिक्शा नहीं चल सकेगा। बुधवार शाम एसपी प्रवीण नायक नुनावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में ई-रिक्शा के लिए रूट, कलर-कोड और स्टिकर अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।
पांच रूट और कलर-कोड से होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत, शहर में ई-रिक्शा के लिए पांच विशिष्ट रूट तय किए गए हैं। प्रत्येक वाहन को उसके रूट के अनुसार विशेष कलर-कोड और यूनिक स्टिकर जारी किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, 25 बीघा सरकारी पार्किंग से लामियां तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड से शंभू शेखावत की चेन, और सांवलपुरा पार्किंग से पीडब्ल्यूडी मोड़ जैसे प्रमुख मार्गों को रूट में शामिल किया गया है। इसके अलावा, सीतारामपुरा की जोहड़ी से लखदातार मैदान तक का रूट भी तय किया गया है।
केवल मालिक चला सकेंगे वाहन, किराए पर रोक
डिप्टी एसपी राजेश जांगिड़ ने स्पष्ट किया कि अब ई-रिक्शा केवल उसके पंजीकृत मालिक द्वारा ही चलाया जा सकेगा। वर्तमान में कई वाहन किराए पर देकर संचालित किए जा रहे हैं, जिन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई अन्य व्यक्ति वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाहरी रिक्शों की एंट्री पर पाबंदी
शहर की मुख्य सड़कों पर भीड़ कम करने के लिए बाहरी ई-रिक्शों के प्रवेश को सीमित किया गया है। इन्हें केवल गोल्डन वाटर पार्क डायवर्जन तक ही आने की अनुमति होगी। इसके आगे शहर के मुख्य क्षेत्र में इनका संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
रींगस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक गर्ग ने बताया कि जल्द ही ई-रिक्शा यूनियन और थाना पुलिस की संयुक्त बैठक में कलर-कोड और शुल्क का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। तय रूट से बाहर संचालन करने या नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। भीड़भाड़ वाले दिनों में विशेष रूप से बाहरी रूटों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में असुविधा न हो।

