करोड़ों की पैतृक जमीन में फर्जीवाड़ा
डिंडौरी में करोड़ों रुपये की पैतृक जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन पटवारी और पिता-पुत्र समेत चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद फर्जी वसीयतनामा तैयार कर जमीन का नामांतरण कराया गया और बाद में करोड़ों रुपये की जमीन बेच दी गई।मामला डिंडौरी जिला मुख्यालय का है। शिकायतकर्ता इंद्रपाल सोनपाली का आरोप है कि उनके नाना स्वर्गीय बालमुकुंद सोनपाली की करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक जमीन पर हाईकोर्ट द्वारा विक्रय पर रोक लगी हुई थी। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी वसीयतनामा तैयार कर जमीन का नामांतरण कराया और बाद में उसे बेच दिया। पीड़ित ने पहले प्रशासनिक स्तर पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार गोविंदराम सलामे, तत्कालीन पटवारी हीरेन्द्र सुर्याम, नन्दलाल सोनपाली और उनके पुत्र रोहित सोनपाली के खिलाफ कूटरचना, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जमीन के विक्रय पर हाईकोर्ट की रोक थी, तब नामांतरण और बिक्री की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई? अब पुलिस पूरे दस्तावेजों की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।

