मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत करीब 25 हजार पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है। भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक लंबित पदोन्नति के मामलों का समाधान कर लिया गया है।
पुलिस व्यवस्था को मजबूती देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि पदोन्नति का यह निर्णय पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- "मध्य प्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा।" उन्होंने बल को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने की सलाह दी ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
नए आपराधिक कानूनों और सुरक्षा पर जोर
आगामी त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी से लेकर जिला स्तर तक पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ तैनात रहे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में अधिकारियों को इन कानूनों की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए और इनका जमीनी स्तर पर सही पालन सुनिश्चित किया जाए।
नशा मुक्ति और रिक्त पदों पर कार्ययोजना
नशा मुक्ति अभियान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नशे से दूरी है जरूरी' पहल को जनता का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि शिक्षा संस्थानों के साथ समन्वय कर युवाओं में जागरूकता फैलाई जाए और विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही, विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत पदों को लंबे समय तक खाली न रखा जाए और बैकलॉग की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से समाप्त किया जाए।
