मंडला जिले के बिछिया विकासखंड स्थित शासकीय हाईस्कूल राजो में आदिवासियों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। स्कूल के प्राचार्य दिलीप कलिहारे पर छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों ने प्रवेश, परीक्षा और खेलकूद गतिविधियों के नाम पर तय नियमों से कई गुना अधिक फीस वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है।
अभिभावकों के मुताबिक, राजो हाईस्कूल में एडमिशन के लिए 1450 रुपये, परीक्षा फीस के तौर पर 1650 रुपये और अन्य गतिविधियों के नाम पर प्रति छात्र 1200 रुपये वसूले जा रहे हैं। फीस जमा न करने पर विद्यार्थियों को कक्षाओं से बाहर किए जाने की बात भी सामने आई है।
धमकी और माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों की अनदेखी
परिजनों का आरोप है कि प्राचार्य की मनमानी का विरोध करने पर उन्हें टीसी काटकर स्कूल से बाहर करने की धमकियां दी जाती हैं। छात्रों और पालकों को यह हिदायत दी जाती है कि इसकी शिकायत किसी अधिकारी या मीडिया से न की जाए।
इस मामले में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के स्पष्ट निर्देश हैं कि दसवीं के आदिवासी विद्यार्थियों से अन्य गतिविधियों के मद में केवल 850 रुपये और बारहवीं के छात्रों से 1120 रुपये ही लिए जाएं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा इन आदेशों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से वसूली की जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें
कांग्रेस नेता विकास साहू ने बताया कि इसी स्कूल में पिछले कई वर्षों से आदिवासी छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने दो साल पहले भी इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब एक बार फिर प्राचार्य द्वारा अवैध वसूली का सिलसिला जारी है, जिस पर तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की गई है।
सहायक आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
आदिवासी छात्र-छात्राओं से अवैध फीस वसूले जाने के इस प्रकरण पर मंडला के सहायक आयुक्त डॉ. अरुण कुमार शुक्ला ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि इस घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है और पूरे मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
