NCERT की नई किताब में इमरजेंसी का अध्याय: BJP ने फैसले का किया समर्थन, कांग्रेस पर साधा निशाना
NCERT ने अपनी कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' में पहली बार आपातकाल (इमरजेंसी) पर एक विशेष अध्याय शामिल किया है। इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना समर्थन जताते हुए इसे देश के संवैधानिक इतिहास का 'काला अध्याय' करार दिया है।
छात्रों को इतिहास से रूबरू कराने की पहल
NCERT की इस नई पाठ्यपुस्तक में 1975 से 1977 के बीच लागू रहे आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में चित्रित किया गया है। किताब में इस बात का उल्लेख है कि उस दौर में नागरिकों के अधिकांश मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उस दौर के बारे में जानना चाहिए। उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा- "हमें लोकतंत्र के इस काले अध्याय को याद रखना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां कभी न दोहराई जाएं।"
कांग्रेस पर 'इमरजेंसी माइंडसेट' का आरोप
भाजपा ने इस अध्याय को शामिल करने के फैसले का विरोध करने के लिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी 'इमरजेंसी माइंडसेट' से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस खुद को संविधान का रक्षक बताती है, तो उसे इस अध्याय के शामिल होने का स्वागत करना चाहिए।
भाजपा नेता ने 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक के उस दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय न्यायपालिका, विधायिका और मीडिया जैसे संवैधानिक संस्थानों को दबाया गया था। उन्होंने किशोर कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में अभिव्यक्ति की आजादी को पूरी तरह से कुचल दिया गया था।
अतीत से सीख लेने की जरूरत
भाजपा प्रवक्ता ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि जो दल कभी आपातकाल के खिलाफ लड़ने वाले नेताओं जैसे जयप्रकाश नारायण, मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव से जुड़े थे, वे आज कांग्रेस के साथ गठबंधन में हैं। पार्टी का कहना है कि यह अध्याय छात्रों को यह समझने में मदद करेगा कि कैसे सत्ता के लालच में संवैधानिक सुरक्षा उपायों को ध्वस्त किया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. NCERT ने आपातकाल पर कौन सी नई किताब में अध्याय जोड़ा है? NCERT ने अपनी कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' में आपातकाल पर एक अध्याय शामिल किया है।
2. इस अध्याय में आपातकाल को किस रूप में दर्शाया गया है? इस अध्याय में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक 'बड़ी चुनौती' और मौलिक अधिकारों के निलंबन के दौर के रूप में वर्णित किया गया है।
3. भाजपा ने इस निर्णय का समर्थन क्यों किया है? भाजपा का मानना है कि छात्रों को देश के संवैधानिक इतिहास के इस 'काले अध्याय' के बारे में जानना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
4. 1975 का आपातकाल कब से कब तक लागू था? तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश में आपातकाल 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लागू रहा था।

