अब टोकन से दिया जायेगा सब्सिडी वाली खाद
राजस्थान में किसानों को अब सब्सिडी वाली खाद लेने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागु हो गयी है आपको बता दे की भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर एग्रीस्टेक योजना के तहत राज्य में उर्वरकों की बिक्री के लिए टोकन आधारित पारदर्शी प्रणाली लागू की जा रही है। इसकी शुरुआत फिलहाल राजसमंद और सिरोही जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है, जबकि जल्द ही इसे अलवर, बहरोड़ समेत पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी फार्मर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा, जिसके बाद 48 घंटे के लिए वैध डिजिटल टोकन जारी होगा। इसी टोकन के आधार पर किसान अपनी नजदीकी खाद दुकान से अपनी खेती की जमीन और फसल की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरक खरीद सकेंगे। आवेदन के दौरान किसान को अपनी भूमि, आवश्यक खाद की मात्रा, कंपनी और विक्रेता का विवरण भी दर्ज करना होगा। इस व्यवस्था से किसानों को दुकानों पर लंबी कतारों में लगने से राहत मिलने की उम्मीद है.. और जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे ई-मित्र या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी टोकन बनवा सकेंगे। कृषि विभाग के मुताबिक नई प्रणाली से यूरिया और अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण तथा गैर-कृषि कार्यों में खाद के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के जरिए केवल पात्र किसानों को ही सरकारी सब्सिडी पर खाद उपलब्ध कराई जायेगी विभाग ने सभी किसानों से जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है, ताकि आगामी खरीफ और रबी सीजन में खाद वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो...

