खाटूश्यामजी समेत राजस्थान को मिलने जा रही नई रेल लाइनों की सौगात
राजस्थान में रेलवे नेटवर्क के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में प्रदेश को कई बड़ी रेल परियोजनाओं की सौगात मिलने वाली है। सीकर जिले में प्रस्तावित खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन के निर्माण की घोषणा के साथ ही प्रदेश के पांच महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw खाटूश्यामजी स्टेशन की साइट का निरीक्षण कर संकेत दिए हैं कि अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। स्टेशन बनने के बाद देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.....
इसके अलावा जालोर के मारवाड़ बागरा से सिरोही होते हुए स्वरूपगंज तक 96 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन, बालोतरा-पचपदरा रेल परियोजना, जोधपुर के बिलाड़ा से पाली जिले के रास तक नई रेल लाइन, धौलपुर-गंगापुरसिटी वाया करौली रेल प्रोजेक्ट तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में खाजूवाला-जैसलमेर और भीलड़ी-जैसलमेर रेल लाइन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं भी जल्द रफ्तार पकड़ने वाली हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और कई ऐसे इलाके, जो अब तक रेल नेटवर्क से नहीं जुड़े थे, उन्हें पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिलेगी
नई रेल लाइनों के संचालन से जयपुर, दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, जोधपुर और अन्य प्रमुख शहरों तक यात्रा अधिक आसान और कम समय में पूरी हो सकेगी। वहीं पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में माल परिवहन को भी नई मजबूती मिलेगी। रेल संपर्क बढ़ने से व्यापार, पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर सिरोही, करौली, बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे जिलों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे नेटवर्क में शामिल हो सकती है, जिससे प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है..

