मनासा तहसील के ग्राम खेड़ीदायमा में खेत का रास्ता बंद किए जाने से परेशान एक किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में हाथों में मक्के के बीज की थैलियां लेकर पहुंच गया। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए किसान ने कहा कि रास्ता अवरुद्ध होने के कारण वह इस सीजन में खेत तक कृषि उपकरण नहीं ले जा सका, जिससे समय पर बुआई पूरी तरह ठप हो गई।
पीड़ित किसान कारूलाल बंजारा ने जनसुनवाई में सौंपे गए शिकायती आवेदन में बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने उनके खेतों तक आने-जाने का मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद कर रखा है। इस विवाद के समाधान के लिए मनासा तहसीलदार के न्यायालय में मप्र भू-राजस्व संहिता की धारा 131 के तहत कानूनी लड़ाई लड़ी गई थी, जहां किसान के पक्ष में फैसला आया था।
तहसीलदार के आदेश के बावजूद नहीं हटी फेंसिंग
कारूलाल और उनके परिवार के नाम ग्राम खेड़ी चन्द्रावत में कृषि भूमि दर्ज है। सर्वे नंबर 51/5 की 0.797 हेक्टेयर जमीन पर कारू, उनके भाई और माता का संयुक्त आधिपत्य है, जबकि सर्वे नंबर 51/6 उनकी व्यक्तिगत भूमि है।
इस रास्ते के विवाद पर मनासा तहसीलदार ने गत 31 अगस्त को आदेश पारित किया था। आदेश में सर्वे नंबर 51/2 की पश्चिम दिशा में बनी पत्थर की दीवार और तार फेंसिंग तथा सर्वे नंबर 51/5 की पूर्व दिशा की फेंसिंग को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और कृषि उपकरणों के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
कोर्ट के फैसले के बाद भी मौके पर जस की तस स्थिति
किसान का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर दबंगई के चलते तहसीलदार के स्पष्ट और लिखित आदेश की अवहेलना की जा रही है। मौके पर स्थिति आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।
रास्ता बंद रहने से समय पर बुआई न हो पाने के कारण किसान के घर में रखी बीज की थैलियां धरी रह गईं और खेत खाली पड़ा रह गया। जनसुनवाई में पहुंचे किसान ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि 31 अगस्त के आदेश का कड़ाई से पालन करवाते हुए तत्काल प्रभाव से रास्ता बहाल किया जाए, ताकि आगामी कृषि कार्यों में राहत मिल सके।
