श्रीगंगानगर निकाय चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए नामांकन प्रक्रिया से जुड़ा एक नया नियम सामने आया है। अब चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र के साथ ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त होने से संबंधित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
इस प्रावधान के तहत प्रत्याशी को यह घोषणा करनी होगी कि उसके घर में शौचालय मौजूद है और उसका नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है। श्रीगंगानगर शहर के सभी 65 वार्डों से चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों पर यह नियम अनिवार्य रूप से लागू होगा। चाहे प्रत्याशी किसी भी वार्ड से मैदान में उतरे, उसे नामांकन के समय यह घोषणा पत्र देना ही होगा।
परिवार के सदस्यों के लिए भी स्थिति स्पष्ट करनी होगी
इस नियम की सबसे खास बात यह है कि केवल खुद के घर में शौचालय होना ही पर्याप्त नहीं है। निर्धारित शपथ पत्र में अभ्यर्थी को अपने परिवार के सदस्यों के निवास पर शौचालय की उपलब्धता और उसके इस्तेमाल की स्थिति के बारे में भी औपचारिक घोषणा करनी होगी। यानी चुनावी मैदान में उतरने से पहले प्रत्याशी को अपने परिवार की स्वच्छता व्यवस्था का पूरा हिसाब देना होगा।
ओडीएफ संबंधी घोषणा को नामांकन प्रक्रिया का मुख्य हिस्सा बनाने के लिए दस्तावेजों में इसके लिए पूरा पेज निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी को तय प्रारूप में यह शपथ पत्र भरकर अपने कागजात के साथ जमा करना होगा। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था का मकसद स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना है।
स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा है प्रावधान
ओडीएफ की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश भर में अभियान चलाए गए थे। अब स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में भी प्रत्याशियों से यह घोषणा मांगे जाने के पीछे स्वच्छता व्यवस्था और शौचालय के नियमित उपयोग को प्रोत्साहित करना मुख्य वजह है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों के लिए राजनीतिक तैयारियों के साथ-साथ नामांकन दस्तावेजों को पूरा करना भी बेहद जरूरी हो गया है। नामांकन पत्र के साथ यह शपथ पत्र जमा करना अब प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, जिससे चूकने पर पर्चा खारिज भी हो सकता है।
