बुरहानपुर जिले के ग्राम मोहद बोरकिबड़ी में ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। गांव में पुलिया नहीं होने के कारण मरीजों को खटिया पर लिटाकर करीब दो किलोमीटर तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद ही एंबुलेंस तक पहुंचाकर मरीज को उपचार के लिए बुरहानपुर ले जाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है।तस्वीरें बुरहानपुर जिले के ग्राम मोहद बोरकिबड़ी की हैं, जहां पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे खटिया पर लिटाकर करीब दो किलोमीटर तक सड़क के रास्ते ले जाना पड़ता है। इसके बाद एंबुलेंस तक पहुंचाकर मरीज को अस्पताल ले जाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती है।ग्रामीण प्रमोद सोनी ने बताया कि गांव में लंबे समय से पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है। इसके अलावा गांव में स्ट्रीट लाइट की सुविधा भी नहीं है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत जियोटेक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक सड़क और पुलिया का काम शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।“हम लंबे समय से परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव में पुलिया नहीं होने से मरीज को खटिया पर डालकर करीब दो किलोमीटर तक ले जाना पड़ता है, तब जाकर एंबुलेंस तक पहुंचा पाते हैं। गांव में स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत जियोटेक हो गया है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। हमारी मांग है कि जल्द से जल्द पुलिया और सड़क का काम शुरू कराया जाए।”
खटिया पर मरीज, दो किलोमीटर का सफर... तब मिलती है एंबुलेंस
मध्य प्रदेश
