नसीराबाद नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। परिसीमन के बाद इस बार चुनाव का दायरा बढ़ा है, जिसमें हाउसिंग बोर्ड के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों को भी शामिल किया गया है। नामांकन प्रक्रिया के शुरुआती दिनों में ही उम्मीदवारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
परिसीमन से बदला चुनावी समीकरण
नसीराबाद नगर पालिका के कुल 20 वार्डों के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार परिसीमन के तहत हाउसिंग बोर्ड के अलावा नांदला, बुबानिया और धोलादाता गांवों को भी नगर पालिका क्षेत्र में जोड़ा गया है।
नए परिसीमन के बाद तय हुई व्यवस्था के तहत 7 वार्ड हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में और 13 वार्ड नांदला, बुबानिया तथा धोलादाता में रखे गए हैं। क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण इलाकों के जुड़ने से इस बार चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने के आसार हैं।
नामांकन प्रक्रिया में तेजी
चुनाव कार्यालय से मिल रहे आंकड़ों के मुताबिक, 20 वार्डों के लिए फॉर्म लेने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार को 72 और शनिवार को 78 फॉर्म बांटे गए, जिससे कुल वितरित फॉर्मों की संख्या 150 तक पहुंच गई है।
नामांकन फॉर्म लेने के इस आंकड़े को देखते हुए चुनाव कार्यालय का अनुमान है कि राष्ट्रीय दलों और निर्दलीयों को मिलाकर कुल 100 से अधिक उम्मीदवार अपने पर्चे दाखिल कर सकते हैं। शनिवार तक की स्थिति के अनुसार कुल 9 उम्मीदवारों ने अपने आवेदन आधिकारिक रूप से जमा करा दिए हैं।
दलों की रणनीति और त्रिकोणीय मुकाबला
इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच तो है ही, साथ ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने भी अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा बागी और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करने की पूरी जुगत में हैं। दोनों प्रमुख दल अपने अधिकृत उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं।
