शहडोल के पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था बड़ी परेशानी बनती जा रही है। विश्वविद्यालय आने-जाने के लिए महज छह बसों की व्यवस्था है, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि 52 सीटर बसों में 70 से अधिक विद्यार्थी बैठे और खड़े नजर आ रहे हैं।बस संचालकों की जानकारी के मुताबिक, अमिताफ स्वामी की 2 बसें, पक्षीराज मंगलानी ट्रेवल्स की 3 बसें और महामाया ट्रेवल्स की 1 बस विश्वविद्यालय परिवहन व्यवस्था में संचालित हैं। इन छह बसों में से एक बस का टेंडर भी समाप्त हो चुका है।
सीट नहीं, पायदान तक पर सफर
बसों में क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण विद्यार्थियों को सीट तो दूर, खड़े होने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं मिलती। कई विद्यार्थी दरवाजे के पास और पायदान पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। चलती बस में इस तरह की ओवरलोडिंग कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
लापरवाही पर उठ रहे सवाल
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने बसों की संख्या बढ़ाने तथा ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। सवाल यह है कि हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कब करेगा?
