दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान कॉकपिट में দুই पायलटों के बीच हिंसक झड़प होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद विमान से हाइजैक का आपातकालीन सिग्नल मिलने पर इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तुरंत फाइटर जेट आसमान में तैनात कर दिए गए। हालांकि, बाद में स्थिति स्पष्ट होने पर विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।
यह घटना उस समय हुई जब फ्लाइट मध्य प्रदेश के रास्ते से इतर पश्चिम एशिया के संवेदनशील हवाई क्षेत्र से गुजर रही थी। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, सऊदी अरब के ऊपर पहुंचते ही विमान ने अपने निर्धारित मार्ग से अचानक दिशा बदल ली और ताबुक की ओर रुख किया। इस दौरान कुछ समय के लिए फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर विमान की लाइव लोकेशन भी दिखनी बंद हो गई थी, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस और बढ़ गया था।
इजराइल में शीर्ष स्तर पर आपात बैठक
विमान से मिले हाइजैक अलर्ट के बाद इजराइल का रक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया। हिब्रू मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने तुरंत इमरजेंसी बैठक बुलाई। बैठक में विमान की ताजा स्थिति और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पल-पल की जानकारी जुटाई गई।
आपात स्थिति से निपटने के लिए इजराइली एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों को भी तुरंत उस दिशा में रवाना कर दिया गया था। विमान में कुल 180 यात्री सवार थे, जिनमें से 150 से अधिक इजराइली नागरिक बताए जा रहे हैं।
कॉकपिट विवाद और 7500 कोड का रहस्य
इजराइली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, विमान में अपहरण जैसी कोई वास्तविक स्थिति नहीं थी। अमेरिकी मीडिया संस्थान CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उड़ान के दौरान दोनों पायलटों के बीच किसी बात को लेकर हिंसक झड़प हो गई थी। इसी विवाद के बाद पायलटों की ओर से ट्रांसपोंडर पर 7500 कोड — जो कि आमतौर पर विमान अपहरण या आपातकाल के लिए इस्तेमाल होता है — एक्टिवेट कर दिया गया था।
पायलटों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था, इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। ताबुक एयरपोर्ट पर विमान के सुरक्षित उतरने के बाद स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
