फ्लाईदुबई के एक विमान की कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर ओमानी को-पायलट द्वारा किए गए हमले को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी को-पायलट इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। इस हमले के दौरान विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया था।
तबूक में सुरक्षित लैंडिंग और आरोपी UAE के हवाले
यह घटना उस समय हुई जब उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया। इसके बाद दूसरे पायलटों ने विमान को नियंत्रित किया और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई।
सऊदी अधिकारियों ने शुरुआती पूछताछ के बाद गुरुवार सुबह आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों को सौंप दिया। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शुरुआती जांच में पुष्टि हुई है कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था, जिसमें दोनों पायलट घायल हुए थे। अब UAE की न्यायिक एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि यह हमला किसी आतंकवादी साजिश का हिस्सा था या नहीं और क्या को-पायलट विमान को जानबूझकर गिराना चाहता था। नेतन्याहू ने कहा कि पकड़े जाने के बाद आरोपी क्रू मेंबर्स से बार-बार उसे मार देने की बात कह रहा था, जिससे प्रतीत होता है कि वह आत्महत्या के इरादे से था।
सुरक्षा व्यवस्था और शिन बेट की भूमिका पर सवाल
इजराइली मीडिया के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई एयरलाइन में करीब नौ महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी। ओमान के एक अधिकारी ने सीबीएस न्यूज को इसकी पुष्टि की है, हालांकि आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। उसके एक सहकर्मी ने बताया कि आरोपी महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था और दिन में कई बार नमाज पढ़ता था। इस घटना के बाद इजराइल की विमान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
न्यूज चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंधों के बावजूद इससे पहले भी कई ओमानी पायलट तेल अवीव पहुंच चुके हैं। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस पर ही पायलटों की सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी छोड़ रखी थी। घटना के बाद इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' की भूमिका की भी जांच की जा रही है, क्योंकि एजेंसी ने फ्लाईदुबई के पायलटों के बैकग्राउंड की स्वतंत्र जांच नहीं की थी। हालांकि शिन बेट ने पहले फ्लाईदुबई से प्रतिबंधित देशों के पायलटों को तैनात न करने को कहा था। अब इस घटना के बाद परिवहन मंत्रालय विमान सुरक्षा प्रक्रियाओं की पूरी समीक्षा कर रहा है।
कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि कॉकपिट के भीतर हथियार कैसे पहुंचा। एक इजराइली अधिकारी से जब यह पूछा गया कि क्या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु आग बुझाने या आपातकालीन प्रक्रिया के लिए रखे गए उपकरणों में से थी, तो उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वस्तु किसी इमरजेंसी उपकरण से जुड़ी थी या नहीं। इस बीच, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस घटना को सीधे तौर पर 'जिहादी आतंकवादी हमला' करार दिया है, जबकि अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि सुरक्षा जांच में कहां चूक हुई थी।
