राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने सांगठनिक स्तर पर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने राज्य की सभी 457 पंचायत समितियों के लिए चुनावी समन्वयकों की सूची जारी कर दी है। पार्टी का मकसद ग्रामीण निकाय चुनाव में टिकट वितरण और लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर जारी इस सूची के बाद ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी के इस कदम को जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जमीनी स्तर पर समन्वयकों की जिम्मेदारी
नियुक्त किए गए चुनाव समन्वयकों को सीधे तौर पर धरातल से फीडबैक जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्थानीय स्तर पर अक्सर गुटबाजी के चलते योग्य कार्यकर्ताओं की दावेदारी पीछे छूट जाती है, जिसे दूर करने के लिए पार्टी ने यह मैकेनिज्म तैयार किया है।
इन समन्वयकों को पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर सर्वसम्मति बनाने का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा, प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखना, स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार करना और शीर्ष नेतृत्व तक सटीक रिपोर्ट पहुंचाना भी इनके मुख्य कार्यों में शामिल है।
अनुशासन और बेहतर तालमेल पर जोर
डोटासरा ने सभी समन्वयकों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का आकलन है कि यदि पंचायत स्तर पर सांगठनिक तालमेल और अनुशासन पुख्ता रहता है, तो इसका सकारात्मक असर आगामी अन्य राजनीतिक मुकाबलों पर भी पड़ेगा। ब्लॉक स्तर पर जिताऊ और समर्पित चेहरों की पहचान के लिए इन समन्वयकों की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा।
