बुरहानपुर में NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शक्ति संगठन ने विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों और छात्रों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।
परीक्षा प्रणाली से विश्वास डगमगाया
बुरहानपुर में छात्र शक्ति संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने देशभर के करोड़ों विद्यार्थियों का विश्वास परीक्षा प्रणाली से डगमगा दिया है। वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों के भविष्य पर इस तरह की घटनाओं से गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।
मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
संगठन ने ज्ञापन में मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
आवश्यक कदम उठाने की अपील
छात्र शक्ति संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने और शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
