पवित्र नगरी पुष्कर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के बाद अब एक बड़ा धार्मिक प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। पुष्कर में राजस्थान का पहला 'बागेश्वर धाम' मठ और विशाल हनुमान मंदिर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। लगभग 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्थानीय स्तर पर धार्मिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
'श्री श्याम सनातन सेवा समिति' के मार्गदर्शन में इस परियोजना को आकार दिया जा रहा है, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय धार्मिक संगठनों की अहम भूमिका रही है। हाल ही में पुष्कर के नए मेला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय हनुमंत कथा और दरबार के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी। उसी आयोजन के दौरान मंच से मांग उठाई गई थी कि राजस्थान के भक्तों को मध्य प्रदेश के छतरपुर न जाना पड़े, इसलिए पुष्कर में ही धाम का स्थायी केंद्र बनाया जाए।
1 लाख श्रद्धालुओं की क्षमता और नि:शुल्क भंडारा
प्रस्तावित रूपरेखा के अनुसार, मंदिर और मठ परिसर को अत्याधुनिक और विशाल रूप दिया जा रहा है। इस परिसर में एक समय में 1 लाख से अधिक श्रद्धालु बैठकर कथा सुन सकेंगे और दर्शन कर सकेंगे।
धाम आने वाले भक्तों के लिए प्रतिदिन 50,000 लोगों के लिए निरंतर नि:शुल्क भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, सनातन परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए परिसर के भीतर एक बड़ी गौशाला का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है।
स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
ब्रह्मा मंदिर और पवित्र सरोवर के लिए दुनियाभर में पहचाने जाने वाले पुष्कर में इस मठ के बनने से धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जानकारों के अनुसार, इस परियोजना से स्थानीय व्यापारियों, होटल कारोबारियों, हस्तशिल्प उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को आर्थिक रूप से काफी लाभ पहुंचेगा।
41 जिलों में निकलेगी 'हिंदू एकता रथ यात्रा'
धाम के निर्माण कार्य और जन-जागरण के लिए प्रदेशभर में धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। 11 से 15 अक्टूबर के बीच राजस्थान के सभी 41 जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में 'हिंदू एकता रथ यात्रा' निकाली जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से समिति के कार्यकर्ता घर-घर जाकर पीले चावल बांटेंगे और लोगों को इस धार्मिक परियोजना से जोड़ेंगे।
