राजस्थान के आठ नए जिलों में स्थायी लोक अदालतों का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश के नवगठित जिलों में छोटे और आपसी सुलह योग्य मामलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगा, जिससे लोगों को दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
किन जिलों को मिली सौगात
नई व्यवस्था के तहत फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और सलूम्बर सहित कुल आठ नए जिलों में स्थायी लोक अदालतें स्थापित की जाएंगी। राज्य में अब तक 32 जिलों में ही ये अदालतें संचालित हो रही थीं। इन नए न्यायालयों के शुरू होने से पक्षकारों को समय और धन दोनों मामलों में बड़ी राहत मिलेगी।
वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली
स्थायी लोक अदालतों में मुख्य रूप से उन मामलों की सुनवाई की जाती है जिनका समाधान आपसी सहमति और समझौते के आधार पर संभव है। इस प्रणाली का उद्देश्य मुकदमों का कम खर्च और कम समय में निस्तारण करना है। इसके साथ ही, इससे नियमित अदालतों पर बढ़ते लंबित मामलों के बोझ को भी कम करने में मदद मिलेगी।
