जयपुर के शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 केंद्र का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोन के जरिए सीधे परिवादियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान गंगापुरसिटी के रहने वाले विकास कुमार ने मुख्यमंत्री को फोन पर अपने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या बताई। सीएम शर्मा ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद कुछ ही घंटों के भीतर पाइपलाइन को दुरुस्त कर दिया गया।
वीडियो कॉल से जुड़ीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने इस दौरान झालावाड़ के अनीष और सवाईमाधोपुर के रिंकू कुमार से वीडियो कॉल के जरिए सीधे बात की। बातचीत के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध राहत देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के जरिए ही सुशासन का आधार मजबूत होता है।
‘संपर्क GPT’ की कार्यप्रणाली का जायजा
निरीक्षण की कड़ी में मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जनरेशन राजस्थान संपर्क की कार्यप्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘संपर्क GPT’ के कामकाज का जायजा लिया। उन्होंने शिकायतों के डिजिटल एनालिटिक्स और डेटा विश्लेषण प्रक्रिया की जानकारी ली।
सीएम शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक आधारित विश्लेषण का उपयोग कर जनसमस्याओं के मूल कारणों की पहचान की जाए। इससे न केवल शिकायतों का समय पर निस्तारण होगा, बल्कि उन क्षेत्रों की भी पहचान हो सकेगी जहां बार-बार एक ही तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं।
रात्रि शिकायतों को माना जाए आपात स्थिति
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के कामकाज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि रात के समय मिलने वाली सभी शिकायतों को आपात स्थिति मानकर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर तत्परता दिखाने को कहा गया है।
साथ ही, संपर्क पोर्टल पर आने वाली परिवेदनाओं की विभागवार प्रभावी मॉनिटरिंग करने और लापरवाही पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सीएम ने क्वालिटी परफॉरमेंस डैशबोर्ड, पंजीकरण और फॉलो-अप व्यवस्था की भी जानकारी ली और हेल्पलाइन के बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
