राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र से 'शाला दर्पण' पोर्टल पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। जोधपुर जिले के भोपालगढ़ ब्लॉक के 158 सरकारी विद्यालयों से इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
पोर्टल पर दर्ज होगी दैनिक हाजिरी राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा जारी निर्देशों के तहत, अब प्रत्येक कार्य दिवस पर स्कूल प्रधानों को पोर्टल पर उपस्थिति अपडेट करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यार्थी या कार्मिक की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं रहनी चाहिए। साथ ही, अवकाश और अनुपस्थिति का विवरण भी पोर्टल पर सही तरीके से अंकित करना होगा। इसकी निगरानी अब जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी करेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला? अब तक कई विद्यालयों में ऑफलाइन हस्ताक्षर रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल के डेटा में बड़ा अंतर देखने को मिलता था। इस विसंगति के कारण राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार होने वाली रिपोर्ट प्रभावित होती थी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आती थी। ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से उपस्थिति में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सकेगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई भोपालगढ़ के सीबीईओ सन्तोष ने बताया कि शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना अब हर विद्यालय की जिम्मेदारी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि डेटा अपडेट करने में लापरवाही बरती गई या गलत आंकड़े दर्ज किए गए, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसके लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगे। ग्रीष्मावकाश के बाद खुले स्कूलों में पहले ही दिन से इस नई व्यवस्था का पालन शुरू कर दिया गया है।

