निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का विरोध
मानसून की देरी, भीषण गर्मी और निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस के विरोध में शनिवार 20 जून को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी भवन से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधीश के नाम सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदेश में मानसून के आगमन में देरी और लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्म मौसम का बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए स्कूलों के संचालन की तिथि बढ़ाकर 1 जुलाई से किए जाने के आदेश जारी किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके।जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन और ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष इमरान गौरी ने नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों द्वारा की गई अत्यधिक फीस वृद्धि का भी मुद्दा उठाया। नेताओं ने कहा कि फीस बढ़ोतरी से अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन को फीस वृद्धि पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।हेमलता पालीवाल ने आरोप लगाया कि खंडवा का शिक्षा विभाग प्रभारी अधिकारियों के भरोसे संचालित हो रहा है। जिले में जिला शिक्षा अधिकारी का पद स्थायी रूप से भरा जाना चाहिए। मांग की गई कि नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षक-छात्र अनुपात का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। नीति के तहत 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना आवश्यक है, लेकिन जिले के अधिकांश विद्यालयों में यह व्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है।

