राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज होती जा रही है। एक ओर भजनलाल सरकार ने सभी जिला कलक्टरों को 20 जुलाई तक अन्य पिछड़ा वर्ग सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव की समय-सीमा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी भी शुरू की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक सरकार अदालत में यह दलील दे सकती है कि ओबीसी आरक्षण का सर्वे अभी जारी है और इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आरक्षण का अंतिम निर्धारण संभव होगा। ऐसे में निकाय चुनाव अक्टूबर से दिसंबर के बीच कराने के लिए अतिरिक्त समय मांगा जा सकता है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला कलक्टरों को 20 से 25 दिनों में सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी समय-सीमा 20 जुलाई तक तय की गई है। सर्वे की रिपोर्ट ओबीसी आयोग को भेज दी जाएगी, जिसके आधार पर आरक्षण तय किया जायेगा। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में चुनाव होने हैं, जबकि अधिकांश निकाय पिछले करीब दो वर्षों से प्रशासकों के जरिए संचालित हो रहे हैं। दूसरी ओर हाईकोर्ट पहले ही सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दे चुका है। ऐसे में अब सब की नजर बस एक बात पर है कि सरकार समय पर चुनाव कराती है या फिर सुप्रीम कोर्ट से ज्यादा समय लेने में सफल हो जाती है।
राजस्थान निकाय चुनाव पर बड़ा अपडेट आया सामने क्या फिर टलेंगे चुनाव
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