'विकसित भारत-2047' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों के बाद राष्ट्रीय संचालन समिति ने भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही राजस्थान केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के बीच शेयर होल्डर एग्रीमेंट साइन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
केंद्र सरकार की पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से लैस किया जा रहा है। इस पूरी योजना के तहत राज्य में कुल 12 हब-स्पोक क्लस्टर्स विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
भिवाड़ी क्लस्टर और एचजी इन्फ्रा के बीच करार
भिवाड़ी क्लस्टर के लिए एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनाया गया है, जिसका मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर रहेगा। इस मॉडल के तहत राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को मुख्य हब बनाया गया है, जबकि अलवर, नीमराणा, तिजारा और किशनगढ़बास की राजकीय आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में जोड़ा गया है।
हब बनने वाले इस संस्थान में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और डिजिटल कंटेंट की सुविधा मिलेगी, जिसका सीधा फायदा चारों स्पोक संस्थानों के छात्रों को भी मिलेगा। एनसीआर क्षेत्र के ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मांग को ध्यान में रखते हुए यहां छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और रियल-टाइम वर्क एक्सपीरियंस दिया जाएगा।
प्रदेश में 12 क्लस्टर्स और वित्तीय मॉडल
राज्य में कुल 12 हब-स्पोक क्लस्टर्स के जरिए आईटीआई को उद्योगों की मांग से जोड़ा जा रहा है। हर क्लस्टर की फंडिंग का अनुपात तय किया गया है, जिसमें 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र का, 33 प्रतिशत राज्य का और 17 प्रतिशत उद्योग जगत का होगा। क्लस्टर के विशेष प्रयोजन वाहन में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत रहेगी।
भिवाड़ी के अलावा राज्य के 11 अन्य शहरों — जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बांसवाड़ा, बालोतरा, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटपूतली, सीकर और पाली — के लिए भी एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव आमंत्रित किए जा चुके हैं।
60,000 करोड़ की पीएम-सेतु योजना और नए पाठ्यक्रम
60,000 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली पीएम-सेतु योजना में केंद्र सरकार का योगदान 30,000 करोड़, राज्यों का 20,000 करोड़ और इंडस्ट्री का 10,000 करोड़ रुपये है। इस योजना के तहत देश भर की 1,000 सरकारी आईटीआई (200 हब और 800 स्पोक) का कायाकल्प किया जा रहा है।
राजस्थान के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5जी नेटवर्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ग्रीन एनर्जी और कंस्ट्रक्शन ऑटोमेशन जैसे 32 से अधिक नए तकनीकी पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रशिक्षकों को भी वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग मिल सकेगी।
