राजस्थान में UCC लागु होने की तैयारी तेज
राजस्थान में यूसीसी लागू करने की दिशा में भजनलाल सरकार ने बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 'राजस्थान समान नागरिक संहिता 2026' का कानूनी मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया। सरकार के मुताबिक इस कानून का मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना और महिलाओं के साथ होने वाले कानूनी भेदभाव को ख़त्म करना है। प्रस्तावित कानून के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में धर्म और समुदाय के आधार पर अलग-अलग कानूनों की जगह एक समान व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा बहुविवाह पर रोक, विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन, पैतृक संपत्ति में बेटियों को बराबर का अधिकार और महिलाओं को पुरुषों के समान कानूनी सुरक्षा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान भी शामिल हैं। सरकार ने साफ किया है कि आदिवासी समुदायों की परंपराओं, संस्कृति और विशिष्ट पहचान को संवैधानिक संरक्षण दिया जाएगा। यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले प्रदेशभर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे जिनमें आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, कानून विशेषज्ञों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से राय ली जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च करेगी जहां कोई भी नागरिक घर बैठे अपने सुझाव, आपत्तियां और विचार ऑनलाइन भेज सकेगा। सरकार का मानना है कि जनता से प्राप्त सुझावों को विधेयक के अंतिम प्रारूप में शामिल किया जाएगा। अब सभी की नजरें समिति की सिफारिशों पर हैं, जिसके बाद राजस्थान में यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

