राजस्थान को मिलेंगी कुल 1,150 ई-बसें
राजस्थान में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों—जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर—का चयन किया गया है। केंद्र सरकार ने शुरुआत में इन शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी थी, जबकि बाद में 475 अतिरिक्त ई-बसों की स्वीकृति मिलने से राज्य को कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पहले चरण में सभी 675 ई-बसों का संचालन दीपावली तक शुरू कर दिया जाएगा, जिससे लाखों लोगों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है..
वही मुख्यमंत्री भजनलाल का कहना है की अत्याधुनिक ई-बसें महिलाओं, दिव्यांगजनों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेंगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक सुरक्षा उपकरण और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई तकनीकी व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन को और अधिक भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार शहरी परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 555 अतिरिक्त ई-बसें तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 विशेष डबल डेकर ई-बसें भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ‘विकसित राजस्थान 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है... उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए बताया कि ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत अब तक करीब 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की। कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, जेसीटीएसएल के अध्यक्ष रवि जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। जबकि भीलवाड़ा के विधायक उदयलाल भडाणा और अशोक कोठारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए थे...

