अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर आरोपों को लेकर जांच की मांग तेज
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए चार लोगों का सत्यता जांच परीक्षण कराने की भी मांग उठाई है। फिलहाल, मामले को लेकर चर्चा तेज है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जानकारी के लिए आपको बता दी की अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी का मामला अब पूरी तरह से तूल पकड़ चुका है। इस तहरीर में उन्होंने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल, अनिल मिश्र, गोपाल राव और चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के खिलाफ तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की माँग की है. उन्होंने कहा कि इस घटना से राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं. साथ ही उनका कहना है की उन्हें एसआईटी पर भरोसा नही है. ये टीम दबाव में आ जायेगी. मुख्यमंत्री को खुद आकर स्थिति देखनी चाहिए. पूर्व कार सेवक संतोष दुबे थाने में तहरीर देने के बाद कहा कि राम जन्मभूमि की दान पेटिका से जो चोरी हुई है इसी संबंध में हमने पत्र दिया है और नामजद FIR कराने आए हैं ताकि एसआईटी के पास ये बहाना न हो कि किसी ने तहरीर ही नहीं दी, ऐसे कैसे चलेगा इसलिए हमने तहरीर दी है. हमने इस तहरीर में चार राम धन के चोरों का नाम लिखा है. उन्होंने कहा कि बचपन से हम सुनते थे कि 'राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट..' अब तो 'राम धन की लूट है लूट सके तो लूट..' इसलिए हम यहां आए हैं. हम सरकार, प्रदेश के मुख्यमंत्री, देश के प्रधानमंत्री और अपने जनपद की पुलिस से उम्मीद करते हैं कि चोरों को गिरफ़्तार करें. हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे खुद पूर्व कारसेवक रहे हैं और राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपनी लिखित शिकायत सीधे राम जन्मभूमि थाने के थाना प्रभारी को सौंपी।

