उमरिया में घरेलू गैस की भारी किल्लत
जिले में घरेलू रसोई गैस की किल्लत से आम जनता त्रस्त है हालात यह हैं कि महिलाओं और बुजुर्गों को गैस सिलेंडर के लिए घंटों कतारों में खड़े रहना पड़ रहा है, लेकिन दूसरी ओर कई दुकानों, ढाबों और होटलों में घरेलू गैस सिलेंडर खुलेआम इस्तेमाल होते दिखाई दे रहे हैं इससे जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं एक तरफ आम परिवारों को समय पर गैस नहीं मिल रही, वहीं दूसरी तरफ व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है सवाल यह है कि जब जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह यह दावा कर रहे हैं कि दुकानों और होटलों को घरेलू गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, तो फिर ये सिलेंडर आखिर पहुंच कैसे रहे हैं अधिकारी के दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है जिले के कई स्थानो के ढाबों और दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल होते देखे जा सकते हैं इससे यह आशंका भी गहरा रही है कि गैस एजेंसियों के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और घरेलू उपभोक्ताओं का हक व्यवसायिक उपयोग में खपाया जा रहा है सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग को इस अवैध उपयोग की जानकारी नहीं है तो उसकी निगरानी व्यवस्था कितनी कमजोर है और यदि जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह ने मीडिया को बताया कि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है और शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी जब खुलेआम दुकानों और होटलों में घरेलू सिलेंडर जल रहे हैं, तब जांच का इंतजार किस बात का है...प्रशासन केवल दावे और आश्वासन देने में व्यस्त है जबकि जमीनी स्तर पर गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है अब देखना यह होगा कि विभाग वास्तव में कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

