दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के आरोग्य प्रकल्प की ओर से 25 अक्टूबर, 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों में शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस वार्षिक आयोजन में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का लाभ उठाया।
महोत्सव का मुख्य केंद्र बिंदु आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और औषधियों से तैयार की गई विशेष खीर का वितरण रहा। संस्थान के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की किरणों में विशेष औषधीय गुण होते हैं, और इस चांदनी में रखी गई खीर का सेवन शारीरिक ऊर्जा बढ़ाने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।
श्वास रोगियों के लिए विशेष प्रबंध
आयोजन के दौरान दमा, पुरानी खांसी, नज़ला और अन्य श्वसन समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई औषधीय खीर बांटी गई। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के इस मिश्रण ने मरीजों को राहत पहुंचाने का काम किया।
मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य लाभ लेने वालों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें आयुर्वेद के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिलती है। संस्थान के स्वयंसेवकों और सदस्यों ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य शिविर और आध्यात्मिक सत्र
महोत्เว में केवल खीर वितरण ही नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं:
- मुफ्त स्वास्थ्य शिविर: आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने कैंप लगाकर आगंतुकों को स्वास्थ्य परामर्श दिया।
- योग और ध्यान: शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए विशेष सत्र चलाए गए।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: भजन और कीर्तन के कार्यक्रमों ने परिसर में आध्यात्मिक माहौल तैयार किया।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने स्पष्ट किया है कि जन-स्वास्थ्य और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे आयोजन आगे भी जारी रखे जाएंगे।
