सीधी जिले के सिहावल विकासखंड की पहाड़ी पंचायत में आयोजित 'सेवा सेतु' शिविर के दौरान प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। शासन की करीब 18 विभागों की योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे देने के लिए आयोजित इस शिविर में आम ग्रामीणों की मौजूदगी बेहद कम रही, जबकि अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस पर सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने नाराजगी जताते हुए मंच से ही जनपद पंचायत सीईओ और पंचायत सचिव को लताड़ लगाई।
प्रचार-प्रसार में कमी पर अफसरों को खरी-खोटी
शिविर में अधिकारियों की भीड़ और ग्रामीणों की गैर-मौजूदगी देखकर विधायक विश्वामित्र पाठक भड़क गए। उन्होंने मंच से ही जनपद पंचायत सिहावल के सीईओ रोहित उपाध्याय और पहाड़ी पंचायत के सचिव अतुल सिंह को फटकार लगाई।
विधायक ने कहा- "इतने बड़े स्तर पर शिविर के आयोजन के बावजूद अगर गांव के लोगों तक इसकी जानकारी ही नहीं पहुंची है, तो 'सरकार आपके द्वार' अभियान का मूल उद्देश्य कैसे पूरा होगा।"
उन्होंने पंचायत स्तर पर मुनादी और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अगली बार ग्रामीण समय पर अपनी समस्याएं लेकर पहुंच सकें।
पटवारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
शिविर के मंच से ही विधायक ने राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पटवारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
विधायक ने राजस्व अमले को चेतावनी दी कि शिकायतों को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने ग्रामीणों की भूमि और राजस्व संबंधी समस्याओं का तय समय सीमा के भीतर समाधान करने के सख्त निर्देश दिए।
सिर्फ कागजी खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं
विधायक ने प्रशासनिक अमले को दो टूक शब्दों में समझाया कि सरकारी शिविर केवल कागजी कार्रवाई और टारगेट पूरे करने का जरिया नहीं बनने चाहिए। इन आयोजनों का एकमात्र मकसद मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना और पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।
पहाड़ी पंचायत के इस शिविर में कुर्सियां खाली रहने से प्रशासनिक तैयारियों की पोल खुल गई है। अब विधायक की फटकार के बाद जिला प्रशासन के सामने आने वाले शिविरों में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने और अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।
