त्योहारी सीजन से ठीक पहले सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। सिर्फ एक हफ्ते के भीतर 24 कैरेट सोने के भाव में 8,257 रुपये प्रति 10 ग्राम की जोरदार तेजी आई है, जबकि चांदी की कीमत में 12,788 रुपये प्रति किलो का उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बुलियन मार्केट में यह तेजी आई है।
एक हफ्ते में कितना बदला सोने का भाव
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, इस हफ्ते 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,60,620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि हफ्ते की शुरुआत में यह 1,52,363 रुपये था। 19 अगस्त की सुबह सोने का सबसे निचला स्तर 1,52,884 रुपये दर्ज किया गया था, जो 21 अगस्त की शाम तक बढ़कर हफ्ते के उच्चतम स्तर 1,60,620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
शुद्धता के लिहाज से अन्य श्रेणियों में भी तेजी का यही रुख रहा। 22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,47,128 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जो पहले 1,39,565 रुपये थी। वहीं, 18 कैरेट सोना 1,14,272 रुपये से बढ़कर 1,20,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी में 12,000 रुपये से ज्यादा की छलांग
सोने के साथ चांदी ने भी खरीदारों को चौंकाया है। IBJA के अनुसार, चांदी का भाव 12,788 रुपये की तेजी के साथ 2,46,630 रुपये प्रति किलो हो गया, जो पहले 2,33,842 रुपये प्रति किलो था। 19 अगस्त को चांदी 2,27,392 रुपये के निचले स्तर पर थी, जो 21 अगस्त की शाम तक बढ़कर 2,46,630 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।
स्थानीय बाजारों में भाव और भी ऊंचे दर्ज किए गए। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 21 अगस्त को 1,200 रुपये की तेजी के साथ 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं दिल्ली में चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलो के स्तर को छू गई, जिसमें पिछले दो दिनों में सीधे 15,000 रुपये की तेजी आई। स्थानीय बाजारों के इन दामों में टैक्स और अन्य चार्ज शामिल होने के कारण ये IBJA के औसत रेट से भिन्न होते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम
बाजार के जानकारों के मुताबिक, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में गिरावट और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने-चांदी की ग्लोबल डिमांड तेजी से बढ़ी है। जब भी करेंसी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर बुलियन की ओर रुख करते हैं। अमेरिकी बॉन्ड बाइंग प्रोग्राम में बदलाव और बॉन्ड यील्ड में नरमी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड को करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी को करीब 69 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा दिया है।
खरीदार असमंजस में: अभी खरीदें या इंतजार करें
रक्षाबंधन और आगामी दिवाली जैसे त्योहारों के मद्देनजर देश में सोने-चांदी के गहनों की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है, लेकिन मौजूदा रिकॉर्ड स्तर पर कीमतें होने के कारण आम ग्राहक असमंजस में हैं। जानकारों की सलाह है कि जिन लोगों को व्यक्तिगत जरूरत के लिए खरीदारी करनी है, वे बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखें। वहीं, निवेश के उद्देश्य से उतरने वाले निवेशकों को अमेरिकी सेंट्रल बैंक की आगामी नीतियों और आर्थिक आंकड़ों के आने का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि ये फैक्टर कीमतों की अगली दिशा तय करेंगे।
