खरगोन (मप्र)।
खरगोन में सावन माह के अंतिम सोमवार के बाद दूज पर निकलने वाला शिव डोला आज धूमधाम से निकल रहा है। मप्र का यह सबसे बड़ा शिव डोला माना जाता है। इसमें 3 लाख से अधिक (कुछ अनुमानों में 3-4 लाख) श्रद्धालु जिले और आसपास के क्षेत्रों से शामिल होने की संभावना है।
डोले का आकर्षण रहेंगी
27 झांकियां:
पौराणिक और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकिया डोले का आकर्षण रहेंगी मुख्य झांकी में भगवान सिद्धनाथ और महाबलेश्वर महादेव के साथ नंदी पर सवार शिव-पार्वती, केदारेश्वर महादेव, साईंनाथ कॉलोनी, कुबरेश्वर महादेव, रामेश्वर महादेव, महाकाल आदि शामिल है।
अन्य विशेष झांकियां:
कोयला मोची समाज, संत सिंगाजी गवली समाज, पाटीदार समाज की अंबे माता (जैविक खेती का संदेश), आशाधाम की गंगा अवतरण, नरकासुर वध आदि।
अन्य दल: 9 नृत्य दल (गोरिल्ला, शिव-पार्वती-अघोरी, राजस्थानी, गणगौर, राधा-कृष्ण, आदिवासी भगोरिया आदि), 10 ढोल-ताशा दल, 3 अखाड़े, 2 भजन मंडलियां, एक नगाड़ा दल और वानर दल।
आतिशबाजी: दो स्थानों पर स्थायी ट्रस से आतिशबाजी की जाएगी। इसके लिए हरदा और अन्य स्थानों से आतिशबाज बुलाये गए हैं।
भक्ति गीत: गायक पीयूष कुशवाह (खरगोन) और संजय नाइक (इंदौर) द्वारा रास्ते भर भोले के गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
महाप्रसाद और सेवा
मुख्य झांकी से लगभग 12 क्विंटल महाप्रसाद बांटा जाएगा।
सामग्री: 10 क्विंटल शक्कर, 40 किलो भांग, 45 किलो काजू, 45 किलो शुद्ध घी, 15 किलो इलायची और 8 किलो काली मिर्च।
मार्ग पर 80 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे जो श्रद्धालुओं को प्रसाद, जल आदि वितरित किए जाएंगे। इस बार स्वागत मंच नहीं लगाए जाएंगे।
इतिहास और व्यवस्था
वर्ष 1969 में शुरू हुआ यह शिवडोला अब 58वें वर्ष में है। पहले पालकी और ठेलागाड़ियों से शुरू हुआ था, अब भगवान 6 फीट चौड़े, 16 फीट लंबे और 16 फीट ऊंचे दो शिखरों वाले चार पहियों के रथ पर सवार होकर निकलते हैं।
