राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय और पंचायत चुनावों में देरी, प्रसूताओं की मौत, तबादला नीति और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हालिया बयान को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।निकाय-पंचायत चुनाव परडोटासरा ने कहा कि हाई कोर्ट को चुनाव नहीं कराने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्री बार-बार निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने की बात करते हैं, जबकि सरकार ने OBC आयोग का गठन देर से किया और आयोग को पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं कराए। उनके अनुसार, बीजेपी सरकार से हर वर्ग परेशान है और सरकार विकास कार्यों में विफल रही है।
प्रसूताओं की मौत पर सरकार को घेरा
प्रसूताओं की मौत के मामलों पर डोटासरा ने आरोप लगाया कि कई जिलों में ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन संबंधित मंत्री या तो मौके पर नहीं पहुंचे या गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि छह महीने पहले हुई मौतों की रिपोर्ट भी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के बजाय अन्य मुद्दों में व्यस्त है।
तबादला उद्योग का आरोप
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में तबादले एक "उद्योग" बन चुके हैं और पैसे लेकर तबादले किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS का सरकार पर प्रभाव है और उनकी आलोचना करने वालों तथा उनके परिचितों को भी दूर-दराज के जिलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे झुकने वाले नहीं हैं।
वसुंधरा राजे के बयान पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान पर डोटासरा ने कहा कि उन्होंने कुछ अच्छी बातें कही हैं और राजनीति में व्यक्तिगत कटुता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले राजनीतिक विरोध के बावजूद नेता आपस में बैठकर बातचीत करते थे, लेकिन अब माहौल बदल गया है।
राजनीतिक दावा
डोटासरा ने अंत में दावा किया कि यदि वर्तमान स्थिति जारी रही तो वर्ष 2028 तक राजस्थान में बीजेपी की स्थिति कमजोर हो जाएगी।
