राज्य सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 6 और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 7 अधिकारियों के तबादला और पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। कार्मिक विभाग (DOP) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, एपीओ चल रहे तीन आईएएस अफसरों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए सभी अधिकारियों को बिना किसी देरी के तुरंत नया पदभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य तबादले और नई जिम्मेदारियां
कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार, आईएएस कुमारी प्रज्ञा केवलरमानी को देवस्थान आयुक्त के खाली पद पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही उन्हें जनजाति क्षेत्र विकास (TAD) आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उदयपुर संभागीय आयुक्त के पद पर खजान सिंह को नई जिम्मेदारी दी गई है, जो अब तक एपीओ चल रहे थे।
एपीओ चल रहे अन्य दो अधिकारियों में एच. गुईटे को सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस, ओटीएस, जयपुर में ओएसडी (OSD) और अविचल चतुर्वेदी को आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के पद पर लगाया गया है। इसके अलावा सोहन लाल को अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर (करापवंचन) से बदलकर संयुक्त सचिव, कृषि बनाया गया है। दिव्यांश सिंह, जो अब तक ब्यावर में उपखंड अधिकारी थे, को संयुक्त सचिव, शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
7 आरएएस अधिकारियों का भी हुआ ट्रांसफर
प्रशासनिक सूची में आरएएस सेवा के 7 अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। राज लक्ष्मी गहलोत को अतिरिक्त कलक्टर, रावतभाटा से बदलकर अतिरिक्त कलक्टर (भू.अ.), चित्तौड़गढ़ बनाया गया है। जगत राजेश्वर को उप सचिव, कृषि (ग्रुप-2) से हटाकर उप सचिव, राज्य महिला आयोग के पद पर भेजा गया है।
जयपाल सिंह राठौड़ को अजमेर विकास प्राधिकरण से ट्रांसफर कर उपखंड अधिकारी, ब्यावर लगाया गया है। कार्तिकेय मीणा को जिला रसद अधिकारी, कोटा से उपखंड अधिकारी, अकलेरा और पूजा मीणा को भूमि अवाप्ति अधिकारी, ईआरसीपी प्रोजेक्ट, अलवर से उपखंड अधिकारी, भवानीमण्डी बनाया गया है। सुनिता यादव-III को कार्यकारी निदेशक परिवेदना निस्तारण, हेल्थ एश्योरेंस एजेन्सी से हटाकर उपखंड अधिकारी, नोहर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा बनवारी लाल बैरवा को उपखंड अधिकारी, अकलेरा से सहायक कलक्टर, भादरा के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश
कार्मिक विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में होने वाले निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारी बिना किसी कार्यग्रहणकाल (Joining Time) या अवकाश के सीधे नए पद का कार्यभार संभालेंगे। अधिकारियों को अपनी कार्यग्रहण रिपोर्ट तत्काल ऑनलाइन कार्मिक विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन ने विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को भी पाबंद किया है कि वे रिलीविंग का इंतजार किए बिना अधिकारियों को तुरंत पदभार ग्रहण कराएं। आदेशों की पालना में किसी भी तरह की कोताही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
