उज्जैन में नवरात्रि की महानवमी की रात उस समय खास हो गई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के विभिन्न गरबा पंडालों में अचानक पहुंचे। दशहरा मैदान से लेकर ऋषि नगर और बायपास तक उन्होंने कई आयोजनों में शिरकत की, मां दुर्गा की आरती उतारी और श्रद्धालुओं के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
रविवार को मुख्यमंत्री ने शहर के कई प्रमुख गरबा आयोजनों का दौरा किया। इनमें दशहरा मैदान, डालडा फैक्ट्री, सामाजिक न्याय परिसर, इंजीनियरिंग कॉलेज बायपास स्थित सनातन मंच गरबा महोत्सव, ऋषि नगर और सिंधी समाज के कार्यक्रम शामिल रहे। पंडालों में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने मां जगदंबा के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और वहां मौजूद परिवारों तथा युवाओं को महानवमी एवं विजयादशमी की बधाई दी।
मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन और 'डांडिया नी रात' में शिरकत
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सामाजिक न्याय परिसर स्थित मां बगलामुखी मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से माता के दर्शन किए। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री स्वर्गीय भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में आयोजित पारिवारिक गरबा महोत्सव ‘डांडिया नी रात’ में शामिल हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश के सशस्त्र बलों की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि मां जगदंबा के आशीर्वाद से भारत हर बाहरी चुनौती का सामना करने और जरूरत पड़ने पर कड़ा कदम उठाने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने जवानों की सुरक्षा के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की और कामना की कि सभी के जीवन से कष्ट दूर हों।
उज्जैन के गौरव और विकास पर जोर
मक्सी रोड स्थित डालडा मैदान में संस्था अलख उज्जैनी के गरबा कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री ने शिरकत की। यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय परिवार और बेटियां मौजूद थीं। मुख्यमंत्री ने पंडाल में मौजूद बेटियों को नमन करते हुए कहा कि नवरात्रि का पर्व पारिवारिक माहौल में बेटियों के साथ मनाना विशेष आनंद देता है।
अवंतिका नगरी के इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनादि और पद्मावती के नाम से प्रसिद्ध इस शहर का वैभव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उज्जैन की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के इन दौरों से शहर के गरबा आयोजनों में उत्साह और बढ़ गया, और जगह-जगह लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
