उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नई सुविधा शुरू होने जा रही है। मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शन के बाद भक्तों को रोजाना नि:शुल्क प्रसाद उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इसके लिए मंदिर के दो मुख्य निकास द्वारों पर विशेष काउंटर बनाए जा रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत, मंदिर में दर्शन कर बाहर निकलने वाले हर श्रद्धालु को चने, चिरौंजी और रेवड़ी के पैकेट वितरित किए जाएंगे। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाले किसी भी भक्त को दर्शन के बाद प्रसाद से वंचित न रहना पड़े।
दो निकास द्वारों पर बन रहे काउंटर
अब तक महाकाल मंदिर आने वाले कई श्रद्धालुओं को पुजारियों या मंदिर सेवकों के माध्यम से प्रसाद मिल पाता था, लेकिन यह व्यवस्था अनियोजित होने के कारण सभी तक नहीं पहुंच पाती थी। कई भक्त बिना प्रसाद के ही लौट जाते थे।
इस समस्या को दूर करने के लिए मंदिर समिति ने स्थायी काउंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया- "कई बार श्रद्धालुओं को पुजारी या सेवकों के माध्यम से प्रसाद मिल जाता है, लेकिन सभी श्रद्धालुओं तक यह नहीं पहुंच पाता था। इसी को देखते हुए अब निश्चित काउंटर बनाकर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जा रही है।"
अन्नक्षेत्र के साथ जुड़ेगी प्रसाद की नई सुविधा
महाकाल मंदिर में पहले से ही अन्नक्षेत्र के माध्यम से रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था संचालित है। इस अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त भोजन ग्रहण करते हैं।
अब भोजन प्रसादी के साथ-साथ दर्शन के तुरंत बाद मिलने वाला यह सूखा प्रसाद भक्तों के अनुभव को और बेहतर बनाएगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में आने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित किया जा सके।
