रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। आमतौर पर इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। लेकिन छिंदवाड़ा में रक्षाबंधन पर एक अनोखा और भावुक नजारा देखने को मिला, जहां मोहिनी भारती ने एक डॉग को अपना भाई मानते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधी।मोहिनी भारती का कहना है कि जिस तरह एक बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा करता है, उसी तरह उन्होंने भी अपने डॉग को राखी बांधी है, क्योंकि ये बेजुबान जानवर भी उनकी रक्षा करते हैं और हमेशा उनके साथ रहते हैं।मोहिनी भारती का डॉग के प्रति यह प्रेम आज का नहीं, बल्कि करीब 15 से 16 वर्षों से चला आ रहा है। वह इन बेजुबान जानवरों को अपना दोस्त, भाई और परिवार का हिस्सा मानती हैं। उनका कहना है कि वह हर त्योहार इन कुत्तों के साथ मनाती हैं। होली के दौरान उन्हें गुलाल लगाती हैं, दीपावली पर उनके साथ फोटो और सेल्फी लेती हैं और उन्हें भी यह एहसास कराने की कोशिश करती हैं कि आज त्योहार का दिन है।इतना ही नहीं, मोहिनी भारती अपना जन्मदिन भी इन डॉग्स के साथ मनाती हैं। उनके लिए ये सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका कहना है कि इन बेजुबानों के साथ समय बिताने से उन्हें खुशी और अपनापन महसूस होता है।मोहिनी भारती का यह अनोखा रिश्ता समाज को यह संदेश देता है कि इंसान और पशु-पक्षियों के बीच भी प्रेम, अपनापन और विश्वास का रिश्ता कायम हो सकता है। रक्षाबंधन के अवसर पर डॉग को राखी बांधकर उन्होंने इंसान और बेजुबान के बीच प्रेम की एक खूबसूरत मिसाल पेश की है।
इंसान और बेजुबान के बीच अनोखा रिश्ता
मध्य प्रदेश
