सिनेमाघरों में आने से पहले ही बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट वन' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हैदराबाद में आयोजित एक प्री-रिलीज इवेंट के दौरान अभिनेता यश ने दर्शकों से फिल्म को खुले मन से देखने की अपील की। उन्होंने वीएफएक्स और तकनीकी पहलुओं पर बारीक टिप्पणियां करने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसी बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में फिल्म मेकर्स अपनी साख और पूंजी दांव पर लगाते हैं।
यह फिल्म दुनियाभर के सिनेमाघरों में 5 नवंबर 2026 को रिलीज होगी। इवेंट में यश ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सभी फिल्म उद्योगों — तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, तमिल और हिंदी — से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया।
"ऐसी कोशिश दोबारा नहीं होगी"
यश ने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि इस तरह के विशाल प्रोजेक्ट्स में छोटी-छोटी कमियों की तलाश की जाती रही, तो इस स्तर का सिनेमा दोबारा पर्दे पर नहीं आ सकेगा।
यश ने कहा- "जब कोई इस तरह की फिल्म बनाने की कोशिश करता है, तो वह अपनी प्रतिष्ठा और पैसा दांव पर लगाता है। वह फिल्म को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ले जाना चाहता है। कृपया छोटी कमियां न खोजें। VFX में यह कमी है, वह कमी है, ऐसा न करें। अगर हम अभी ऐसे लोगों को खो देंगे, तो यह दोबारा नहीं होगा।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माता नमित मल्होत्रा ने हमेशा दर्शकों की प्रतिक्रिया और आलोचना को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है तथा हर संभव सुधार करने का प्रयास किया है।
को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के विजन से प्रभावित
यश ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के पीछे की वजह साझा करते हुए कहा कि उन्हें को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा का विजन और उनका जुनून बेहद पसंद आया। लॉस एंजिल्स में स्थापित अपना कारोबार छोड़कर भारत के लिए कुछ करने की नमित की इच्छा ने उन्हें प्रभावित किया।
यश ने कहा- "एक भारतीय होने के नाते मैं कह रहा हूं कि हमें इस व्यक्ति को बचाना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। नमित कहते थे कि मुझे ऑस्कर मिल रहे हैं, लेकिन मैं खुश नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि हमारा देश उस स्तर पर पहुंचे। जिस दिन ऐसा होगा, मैं खुश हो जाऊंगा।"
