तिथि-नक्षत्र का समय पूरे देश में एक जैसा रहता है; सूर्योदय, राहुकाल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
| तिथि | शुक्ल प्रतिपदा 21:31 तक फिर शुक्ल द्वितीया रात 22:14 तक (12 अक्टूबर) |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा (स्वामी: मंगल) 22:33 तक फिर स्वाति (स्वामी: राहु) रात 23:52 तक (12 अक्टूबर) |
| योग | वैधृति 21:06 तक फिर विष्कुंभ रात 20:32 तक (12 अक्टूबर) |
| करण | किंस्तुघ्न 09:22 तक फिर बव 21:31 तक फिर बालव सुबह 09:49 तक (12 अक्टूबर) |
| वार | रविवार |
| चंद्र राशि | कन्या 10:04 तक फिर तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| ऋतु / अयन | शरद / दक्षिणायन |
| दिशाशूल | पश्चिम |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (चरण) | स्थिति | आगामी राशि-परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | कन्या | 23.5° | चित्रा (1) | — | — |
| चंद्रमा | कन्या | 28.0° | चित्रा (2) | — | → तुला, 11 अक्टूबर सुबह 10:04 |
| मंगल | कर्क | 13.2° | पुष्य (3) | नीच | — |
| बुध | तुला | 18.5° | स्वाति (4) | — | — |
| गुरु | कर्क | 27.1° | आश्लेषा (4) | उच्च | — |
| शुक्र | तुला | 13.1° | स्वाति (2) | मूलत्रिकोणवक्री | — |
| शनि | मीन | 16.6° | उत्तराभाद्रपद (4) | वक्री | — |
| राहु | कुंभ | 3.0° | धनिष्ठा (3) | वक्री | — |
| केतु | सिंह | 3.0° | मघा (1) | वक्री | — |