तिथि-नक्षत्र का समय पूरे देश में एक जैसा रहता है; सूर्योदय, राहुकाल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
| तिथि | शुक्ल द्वितीया 22:14 तक फिर शुक्ल तृतीया रात 23:28 तक (13 अक्टूबर) |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाति (स्वामी: राहु) 23:52 तक फिर विशाखा (स्वामी: गुरु) रात 01:43 तक (14 अक्टूबर) |
| योग | विष्कुंभ 20:32 तक फिर प्रीति रात 20:24 तक (13 अक्टूबर) |
| करण | बालव 09:49 तक फिर कौलव 22:14 तक फिर तैतिल सुबह 10:47 तक (13 अक्टूबर) |
| वार | सोमवार |
| चंद्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| ऋतु / अयन | शरद / दक्षिणायन |
| दिशाशूल | पूर्व |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (चरण) | स्थिति | आगामी राशि-परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | कन्या | 24.5° | चित्रा (1) | — | — |
| चंद्रमा | तुला | 10.8° | स्वाति (2) | — | → वृश्चिक, 13 अक्टूबर रात 19:12 |
| मंगल | कर्क | 13.8° | पुष्य (4) | नीच | — |
| बुध | तुला | 19.5° | स्वाति (4) | — | — |
| गुरु | कर्क | 27.2° | आश्लेषा (4) | उच्च | — |
| शुक्र | तुला | 12.7° | स्वाति (2) | मूलत्रिकोणवक्री | — |
| शनि | मीन | 16.5° | उत्तराभाद्रपद (4) | वक्री | — |
| राहु | कुंभ | 2.9° | धनिष्ठा (3) | वक्री | — |
| केतु | सिंह | 2.9° | मघा (1) | वक्री | — |