तिथि-नक्षत्र का समय पूरे देश में एक जैसा रहता है; सूर्योदय, राहुकाल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
| तिथि | शुक्ल नवमी 12:51 तक फिर शुक्ल दशमी दोपहर 14:12 तक (21 अक्टूबर) |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण (स्वामी: चंद्रमा) 18:02 तक फिर धनिष्ठा (स्वामी: मंगल) रात 19:48 तक (21 अक्टूबर) |
| योग | शूल रात 00:50 तक (21 अक्टूबर) फिर गंड रात 00:33 तक (22 अक्टूबर) |
| करण | कौलव 12:51 तक फिर तैतिल रात 01:37 तक (21 अक्टूबर) फिर गर दोपहर 14:12 तक (21 अक्टूबर) |
| वार | मंगलवार |
| चंद्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | तुला |
| ऋतु / अयन | शरद / दक्षिणायन |
| दिशाशूल | उत्तर |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (चरण) | स्थिति | आगामी राशि-परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | तुला | 2.4° | चित्रा (3) | नीच | — |
| चंद्रमा | मकर | 17.4° | श्रवण (3) | — | → कुंभ, 21 अक्टूबर सुबह 07:00 |
| मंगल | कर्क | 18.1° | आश्लेषा (1) | नीच | — |
| बुध | तुला | 25.7° | विशाखा (2) | — | — |
| गुरु | कर्क | 28.5° | आश्लेषा (4) | उच्च | — |
| शुक्र | तुला | 9.0° | स्वाति (1) | मूलत्रिकोणवक्री | — |
| शनि | मीन | 15.9° | उत्तराभाद्रपद (4) | वक्री | — |
| राहु | कुंभ | 2.5° | धनिष्ठा (3) | वक्री | — |
| केतु | सिंह | 2.5° | मघा (1) | वक्री | — |