तिथि-नक्षत्र का समय पूरे देश में एक जैसा रहता है; सूर्योदय, राहुकाल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी 22:11 तक फिर कृष्ण पंचमी रात 19:25 तक (30 अक्टूबर) |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी (स्वामी: चंद्रमा) 11:12 तक फिर मृगशिरा (स्वामी: मंगल) सुबह 09:05 तक (30 अक्टूबर) |
| योग | परिघ रात 00:06 तक (30 अक्टूबर) फिर शिव रात 20:42 तक (30 अक्टूबर) |
| करण | बव 11:38 तक फिर बालव 22:11 तक फिर कौलव सुबह 08:46 तक (30 अक्टूबर) |
| वार | गुरुवार |
| चंद्र राशि | वृषभ 22:07 तक फिर मिथुन |
| सूर्य राशि | तुला |
| ऋतु / अयन | शरद / दक्षिणायन |
| दिशाशूल | दक्षिण |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (चरण) | स्थिति | आगामी राशि-परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | तुला | 11.4° | स्वाति (2) | नीच | — |
| चंद्रमा | वृषभ | 20.5° | रोहिणी (4) | उच्च | → मिथुन, 29 अक्टूबर रात 22:07 |
| मंगल | कर्क | 22.9° | आश्लेषा (2) | नीच | — |
| बुध | तुला | 25.1° | विशाखा (2) | वक्री | — |
| गुरु | कर्क | 29.7° | आश्लेषा (4) | उच्च | — |
| शुक्र | तुला | 3.6° | चित्रा (4) | मूलत्रिकोणवक्री | — |
| शनि | मीन | 15.2° | उत्तराभाद्रपद (4) | वक्री | — |
| राहु | कुंभ | 2.0° | धनिष्ठा (3) | वक्री | — |
| केतु | सिंह | 2.0° | मघा (1) | वक्री | — |