ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में हंगामा: काले झंडे दिखाकर विरोध, समर्थकों में झड़प के बाद तीन हिरासत में
ग्वालियर के बेला की बावड़ी इलाके में सोमवार शाम एक छात्रावास के उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाषण के समय जमकर हंगामा हुआ। कुशवाह समाज के कुछ लोगों ने कार्यक्रम में काले झंडे दिखाकर विरोध जताया, जिसके बाद सिंधिया समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति नियंत्रित की और तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। यह पूरा घटनाक्रम बेला की बावड़ी स्थित कुशवाह समाज के छात्रावास के उद्घाटन समारोह का है, जहां केंद्रीय मंत्री सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मंच पर सिंधिया के भाषण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने काले झंडे लहराना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इस कार्यक्रम में ग्वालियर से भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह को आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने सिंधिया पर समाज को बांटने का गंभीर आरोप भी लगाया। हंगामे के बाद थाने पहुंचे कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के दौरान ही कार्यक्रम स्थल पर सिंधिया समर्थक कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए भीड़ को खदेड़ा और स्थिति संभाली। गिरवाई थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई के तहत तीन लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि उनके खिलाफ औपचारिक प्रकरण दर्ज होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस कार्रवाई के विरोध में कुछ स्थानीय कार्यकर्ता थाने भी पहुंच गए थे। गुटबाजी की चर्चा और मंत्री का बयान यह पूरा कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। घटना के बाद मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस कृत्य की निंदा की। उन्होंने बयान में कहा कि समाज के कुछ दबंग नेताओं के बहकावे में आकर जिन लोगों ने यह हरकत की है, वह पूरी तरह अशोभनीय है। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस घटना को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थकों के बीच चल रही अंदरूनी कलह से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से आपसी असहजता रही है, जो अब खुलकर सड़कों पर सामने आने लगी है। फिलहाल गिरवाई थाना पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है।