सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट देखी गई है, जिससे सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है और निवेशकों के बीच बेचैनी का माहौल नजर आ रहा है। वही इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन  के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 27 मई को 24 कैरेट सोने का भाव 571 रुपए प्रति 10 ग्राम गिरकर लगभग 1.57 लाख रुपए पर पहुंचा  वहीं चांदी की बात करे तो चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली 1 किलो चांदी 4,503 रुपए सस्ती होकर 2.62 लाख रुपए पर पहुंच गयी....  पिछले केवल दो दिनों में ही चांदी करीब 9,000 रुपए तक टूटी थी  जिससे बाजार में  चांदी की तेजी पर अचानक  ब्रेक लग गया.... अगर पूरे साल के ट्रेंड की बात की जाये तो सोने और चांदी दोनों ने ही पहले तेज उछाल के साथ रिकॉर्ड बनाया जहां 31 दिसंबर 2025 को सोना लगभग 1.33 लाख रुपए के स्तर पर था और जनवरी 2026 में यह बढ़कर 1.76 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई तक पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद लगातार मुनाफावसूली और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के चलते इसमें गिरावट देखी गई और अब यह अपने पीक से करीब 19 हजार रुपए नीचे पहुंच चूका  है। इसी तरह चांदी ने भी इस साल जबरदस्त उतार-चढ़ाव दिखाया है, जहां यह 2.30 लाख रुपए से शुरू होकर जनवरी में रिकॉर्ड 3.86 लाख रुपए तक पहुंच चुकी थी, लेकिन अब यह अपने हाई से करीब 1.24 लाख रुपए तक टूट चुकी है, जो इसे एक बड़े करेक्शन की स्थिति में दर्शाता है। विशेषज्ञों मानते है की इस गिरावट के पीछे कई कारण और कई जिम्मेदारियां हो सकती  हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग है, क्योंकि जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव पड़ने लगा..  इसके अलावा वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सोना-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों को बेचकर कैश होल्ड कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में उनके पास लिक्विड फंड उपलब्ध रहे। इस समय बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना  है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट या स्थिरता बनी रह सकती है, इसलिए निवेशकों और खरीदारों को अत्यधिक सावधानी रखने की सलाह दी जा रही है। साथ ही आम लोगों के लिए भी यह समय राहत भरा साबित हो सकता है क्योंकि सोने की कीमतों में आई गिरावट से ज्वेलरी खरीदने वालों को कुछ हद तक मुनाफा हो सकता है। वहीं सोना खरीदते समय विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार  हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदन चाहिए क्योंकि इससे सोने की शुद्धता और कैरेट की पुष्टि हो जाती है जिससे खरीद के समय कीमतों को विभिन्न आधिकारिक स्रोतों जैसे IBJA की वेबसाइट से क्रॉस चेक करना भी आवश्यक  है ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत कीमत से बच सकते है।