जयपुर में पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए नेटबंदी की गयी है ।जेडीए की जगतपुरा और मालवीय नगर में प्रस्तावित बड़ी बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने 34 थाना क्षेत्रों में आज 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से जयपुर के उपनगरीय और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों- जगतपुरा और मालवीय नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों और पुराने कब्जों को ध्वस्त करने का एक अभियान शुरू किया गया है। और आज नेट बंद करने का ये ही एक प्रमुख कारण है की पहली बार किसी अतिक्रमण हटाओ अभियान के लिए शहर के एक बहुत बड़े हिस्से में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद करना पड़ा है। सरकार को इस बात की पूरी आशंका थी कि इस बड़ी तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल को खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। "इसी को ध्यान में रखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर की लिखित सिफारिश पर जयपुर के संभागीय आयुक्त सरवन कुमार ने एहतियातन तौर पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जेडीए द्वारा जगतपुरा इलाके में यातायात को सुगम बनाने के लिए नंदपुरी रोड को 80 फीट चौड़ा करने का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट काफी समय से रुका हुआ था। इस सड़क सीमा के भीतर वर्तमान में करीब 134 अवैध पक्के निर्माण और अतिक्रमण आ रहे थे, जिन्हें हटाया जाना बेहद जरूरी था। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन 134 अवैध निर्माणों के भीतर 5 ऐसी संरचनाएं भी शामिल थीं जो स्थानीय धार्मिक स्थलों और आस्था के केंद्रों से जुड़ी हुई थीं। इस प्रकार की धार्मिक संरचनाओं को हटाने के दौरान अक्सर जनभावनाएं तेजी से भड़क उठती हैं और कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए और किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव को पनपने से पहले ही रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट को बंद करने का यह कड़ा फैसला लिया गया।
