मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के विकास का रोडमैप बनाया, जिसके तहत पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार एवं सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। रामजल सेतु लिंक परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इससे आमजन, किसान और उद्योगों को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन से शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौता संभव हो पाया। इसी प्रकार, उदयपुर तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों के लिए भी देवास परियोजना के कार्यों को गति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री रविवार को उदयपुर के नगर निगम सभागार में 421 करोड़ रुपये की लागत के 457 विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ 2.24 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए। वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जाएगी। इसी क्रम में अब तक 26 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है। साथ ही, विभिन्न क्षमताओं के नए जीएसएस की स्थापना हो रही है। वहीं, किसान पीएम-कुसुम योजना से अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया। इसमें हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सरकारी क्षेत्र में 4 लाख नौकरियां देने के वादे को पूरा करने के क्रम में अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। 1 लाख 32 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। अब तक कुल 3 लाख 80 हजार पदों पर भर्तियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शिता के साथ सभी भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई हैं। निजी क्षेत्र में भी युवाओं के लिए साढ़े चार लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उदयपुर झीलों की नगरी है। साथ ही, शक्ति और भक्ति की भी भूमि है। राजसमंद, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध जिले हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उदयपुर जिले के आमजन के लिए 47 करोड़ रुपये से अधिक की 21 प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इनमें 7 करोड़ रुपये से आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज में आधुनिक कैथ लैब, पौने पांच करोड़ रुपये से उदयपुर शहर में 75 बेड का बुजुर्गों के लिए पुनर्वास गृह, 4 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से फलासियां में राजकीय कन्या महाविद्यालय भवन, 2 करोड़ 80 लाख रुपये से कानोड़ में राजकीय सावित्री बाई फूले अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, 2 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की लागत से सविना में आर.सी.सी. नाले का निर्माण, करीब डेढ़ करोड़ से वल्लभनगर के दरौली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे कार्य जनता को समर्पित किए हैं।
उन्होंने कहा कि 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तितरड़ी के नए बस स्टैंड हेतु सड़क निर्माण, 2 करोड़ 31 लाख रुपये से भुवाणा, वल्लभनगर एवं मावली में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के भवन, करीब डेढ़ करोड़ रुपये से महाराणा प्रताप खेलगांव में लेक्रोस खेल मैदान, बोहरा गणेश जी आयड़ में ओपन पार्किंग और अमरख जी महादेव मंदिर मार्ग का लोकार्पण भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उदयपुर के बुनियादी ढांचे और विकास के लिए 373 करोड़ रुपये से अधिक की 436 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इसमें 121 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा भूपाल चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु विंग, 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से भुवाणा क्षेत्र में आधुनिक सीवरेज सिस्टम, करीब 51 करोड़ रुपये से जिला चिकित्सालय भींडर का भवन निर्माण, 5 करोड़ 75 लाख रुपये से फतहनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का शिलान्यास शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि साढ़े चार करोड़ रुपये से गोगुंदा में राजकीय जनजाति बालक आश्रम छात्रावास भवन, साढ़े चार करोड़ रुपये से पुलिस लाईन उदयपुर में अधिकारियों के लिए 12 आवासीय भवन, 3 करोड़ 80 लाख रुपये से झाडोल के ढीमड़ी क्षेत्र में राजकीय जनजाति बालक आश्रम छात्रावास, करीब 3 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से सुखेर में सर्विस रोड, 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से बनास नदी पर गोगुंदा के पानेर और केलथरा मार्ग पर सबमर्शिबल पुलिया का शिलान्यास भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े पांच करोड़ रुपये से खेलगांव उदयपुर में जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास और डबोक में बालक आश्रम छात्रावास, 2 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से गोगुंदा के बोमरचा में बनास नदी पर सबमर्शिबल पुलिया निर्माण, खेरोदा, झाड़ोल व सायरा में 2-2 करोड़ के अटल प्रगति पथ के निर्माण की नींव रखी गई है। साथ ही, जिले में विभिन्न स्कूलों में शेड, डोम एवं सोलर पनघट और बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, सिंचाई, शहरी एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों की आधारशिला रखी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 34 हजार 128 करोड़ रुपये से 49 हजार 197 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित किया है। प्रदेश में 2 हजार 750 किलोमीटर लंबे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। 18 हजार 67 किलोमीटर नई सड़कें बनाई गईं तथा 1 हजार 758 गांवों को पहली बार डामर सड़क से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कें बनाई गईं हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 हजार 286 किमी सड़कों का विकास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार कृषि, सहकारिता, डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए मजबूत फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान का आयोजन कर गांवों और शहरी वार्डों के विकास के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना को प्रोत्साहन दे रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरस डेयरी के दूध संकलन की क्षमता में भी वृद्धि की जा रही है। सहकारिता से समृद्धि के लिए गांवों में नए सदस्यों को पैक्स से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गरीब, युवा, महिला और अन्नदाता के सशक्तीकरण के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने का कार्य कर रही है। धरातल पर तेजी से काम होने से गांव-गांव में विकास हो रहा है।
राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में विकास कार्य हो रहे हैं। विभिन्न जल परियोजनाओं के माध्यम से पेयजल से लेकर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
इस अवसर पर सांसद मन्नालाल रावत, चुन्नीलाल गरासिया, विधायक फूलसिंह मीणा, प्रताप लाल भील, उदय लाल डांगी, ताराचन्द जैन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
