बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सालखेड़ा-मोहनपुरा में महिला की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में दुर्घटना बताया जा रहा था, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करते हुए उस पर एसिड फेंका, फिर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान पास में सो रहे दोनों मासूम बच्चे भी एसिड की चपेट में आकर झुलस गए।मामले में पुलिस ने आरोपी विजय पिता झबरसिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस के अनुसार 29 मई 2026 को जिला अस्पताल बड़वानी से पिंकी चौहान निवासी सालखेड़ा मोहनपुरा की एसिड से जलने के कारण मौत की सूचना प्राप्त हुई थी। इस पर राजपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका के शरीर और सिर पर चोटों के निशान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य तथा परिजनों के बयानों से मामला संदिग्ध लगा। गहन जांच के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी पति की तलाश शुरू कर दी।पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी राजपुर आयुष कुमार अलावा एवं थाना प्रभारी माधवसिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को उसके घर के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। इसी कारण उसने 28 मई की रात करीब 3:30 बजे पत्नी पर हमला करने की योजना बनाई। उसने ड्रिप लाइन साफ करने वाला तेजाब (एसिड) मग्गे में भरकर सो रही पत्नी पर उड़ेल दिया। इस दौरान पास में सो रहे उसके दोनों छोटे बच्चे भी एसिड की चपेट में आ गए। जब पिंकी दर्द से तड़पते हुए भागने लगी तो आरोपी ने लोहे की रॉड से उस पर कई वार किए और कैंची से उसकी चोटी भी काट दी।घटना के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ी। उसने लोगों और मीडिया को बताया कि चूहों द्वारा एसिड की कैन गिर जाने से यह हादसा हुआ है। बाद में वह अस्पताल से भी फरार हो गया। लेकिन पुलिस की जांच में उसकी पूरी साजिश बेनकाब हो गई।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, प्लास्टिक का मग्गा, ग्लव्स, कैंची तथा घटना के समय पहने कपड़े जब्त कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस अंधे हत्याकांड का त्वरित खुलासा करने में एसडीओपी आयुष कुमार अलावा, थाना प्रभारी माधवसिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक छगनसिंह चौहान, उपनिरीक्षक कविता कनेश, उपनिरीक्षक गजेंद्रसिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक गणपति चौहान, उपनिरीक्षक रितेश खत्री, सहायक उपनिरीक्षक नारायण पाटीदार, पूरणसिंह मंडलोई, सुरेश पाटीदार, प्रधान आरक्षक गणेश डावर, योगेश पाटिल तथा आरक्षक ओमप्रकाश पाटीदार, महेंद्र प्रजापत, गेंदालाल सिसोदिया, अर्जुन नरगावे और दीपक डोडियार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।