बड़वानी में शासकीय कन्या अजा महाविद्यालय छात्रावास क्रमांक 1 और 2 की 50 से अधिक छात्राएं मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने वार्डन पर राशन में कटौती, दुर्व्यवहार और मूलभूत सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए। हालांकि, उन्हें वहां से निराशा ही हाथ लगी। छात्राओं को करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। एक अधिकारी ने उनका ज्ञापन लिया और समाधान का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद छात्राएं पैदल ही छात्रावास लौट गईं। छात्रा जागृति सोलंकी ने बताया कि छात्रावास में पानी की गंभीर किल्लत है। ट्यूबवेल केवल 30 मिनट चलता है, और कभी-कभी वह भी बंद रहता है। नल आधे घंटे से अधिक नहीं चलते, जिससे पीने का पानी नहीं बचता। गर्मी के मौसम में 100 से अधिक छात्राओं के लिए यह एक बड़ी समस्या है। वार्डन ने रांझण (पानी का बर्तन) लाने का आश्वासन दिया था, लेकिन गर्मी बीत जाने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले पांच साल से उन्हें नए गद्दे और चादर नहीं मिले हैं। तीन साल पहले कंप्यूटर आया था, लेकिन वाईफाई का रिचार्ज आज तक नहीं कराया गया। सहायक आयुक्त द्वारा नए पंखे लगाने का आश्वासन भी पूरा नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, आधी से अधिक छात्राओं की छह-सात महीने से छात्रवृत्ति और 10वीं की राशि भी नहीं मिली है। छात्राओं के अनुसार, पहले उन्हें 12 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलता था, जो अब घटाकर 6-7 किलो गेहूं और 1 किलो चावल कर दिया गया है। जब वार्डन वंदना चौहान से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "राशन लाने का किराया कौन देगा?" छात्राओं का आरोप है कि वार्डन आधा राशन खुद रख लेती हैं। लाइब्रेरी में भी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक किताबों की जगह अनुपयोगी पुस्तकें रखी हुई हैं। छात्रा चांदनी सोलंकी ने वार्डन पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। छात्राओं ने मांग की है कि वार्डन को उनके पद से हटाया जाए। वहीं, वार्डन वंदना चौहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बजट की कमी के कारण दिक्कतें आ रही हैं और उन्हें बजट नहीं मिल रहा है। वार्डन के अनुसार, पिछले तीन दिनों से पानी की किल्लत है, लेकिन बाकी समय सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
